Lucknow, 28 अगस्त . उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने Thursday को Lucknow में Chief Minister योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी.
BJP MP दिनेश शर्मा ने इस संबंध में कहा कि संभल में पहले भी कई दंगे हो चुके हैं, जिसके कारण क्षेत्र से बड़े पैमाने पर पलायन हुआ. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वे कौन सी वजहें थीं, जिनके चलते लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हुए.
उन्होंने कहा कि कई धार्मिक स्थलों को क्यों नष्ट किया गया? लोगों की हत्या क्यों की गई और महिलाओं पर अत्याचार क्यों किए गए? रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद सरकार कठोर कदम उठाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. सरकार शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है.”
सांसद दिनेश शर्मा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने के फैसले पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. टैरिफ के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है. सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशे हैं.
यूपी सरकार ने संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग का गठन इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में किया था. इसमें रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अमित मोहन और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार जैन भी शामिल थे.
संभल की शाही जामा मस्जिद का सर्वे 24 नवंबर, 2024 को हुआ था. इस दौरान हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी. भीड़ ने गाड़ियों को फूंक दिया था. इस मामले में कई उपद्रवियों को जेल भेजा जा चुका है.
–
एकेएस/जीकेटी
You may also like
शुगर की बीमारी को जड़ से खत्म कर देता है यह पत्ता, एक बार जरुर जाने
बिना टिकट दो मुर्गी कर रही थी सफर फिर कंडेक्टर ने कर डाला ऐसा कांड जिससे मच गया बवाल`
Weather Update: एमपी में अब 'एमएम' में नहीं 'इंच' में हो रही बारिश, 1 सितंबर तक Heavy Rain का अलर्ट है
आज का धनु राशिफल, 29 अगस्त 2025 : करियर में उपलब्धियां और जिम्मादारी बढ़ेगी
क्या कार में शराब पीना वैध है? जानें नियम और जुर्माना