रामदेवरा से लौट रहे एक पैदल यात्री के अपहरण का मामला सामने आया है। युवक का सांचौर के एक निजी अस्पताल के पास से अपहरण कर लिया गया और फिर उसकी रिहाई के लिए 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। लेकिन पुलिस की सूझबूझ और परिजनों के सहयोग से पुलिस ने नकली नोटों के बल पर आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। युवक को सकुशल छुड़ा लिया गया है। इस संबंध में सेडिया गाँव निवासी सुरेश कुमार ने थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि वह 13 अगस्त को अपनी माँ सहित 18 लोगों के समूह के साथ रामदेवरा यात्रा पर गया था। यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात धोलादेवी नामक महिला और उसके साथियों से हुई। इन लोगों ने इस साजिश को अंजाम दिया।
महिला ने उसे अस्पताल बुलाया
यात्रा के बाद, धोलादेवी ने लगातार फोन पर बात करते हुए 23 अगस्त को सुरेश को सांचौर के एक निजी अस्पताल बुलाया। वहाँ पहले से मौजूद धोलादेवी, उसके पति सांवलाराम और अन्य साथियों ने सुरेश को कार में बिठा लिया। इसके बाद उन्होंने उसकी बाइक भी अपने कब्जे में ले ली।
युवक के साथ मारपीट
युवक को एक होटल और फिर डूंगरवा गाँव की सुनसान सरहद में ले जाकर पीटा गया। आरोपियों ने सुरेश के मोबाइल से यूपीआई के ज़रिए 65,000 रुपए ट्रांसफर किए और फोन पर परिवार से फिरौती की माँग की। पैसे न देने पर युवक को जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने बनाई नकली नोट देने की योजना
मामले की जानकारी मिलने पर चिंतित परिवार तुरंत थाने पहुँचा। स्थिति को समझते हुए पुलिस ने नकली रकम देने की योजना बनाई। योजना के अनुसार, जब आरोपी साचौर के कमालपुरा सरहद स्थित होटल में फिरौती लेने पहुँचे, तो पुलिस ने उन्हें घेर लिया और मुख्य आरोपी रामजीवन को मौके से ही पकड़ लिया। उसकी सूचना पर धोलीदेवी, सांवलाराम और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी है।